सोमवार, 18 मई 2020

आतंकवाद

यह दौर संगठित अराजकता और आतंकवाद, का दौर है जो उस संगठित गिरोह का है  जो न तो आज़ादी का हिमायती रहा, न गांधी, अम्बेडकर, संविधान और लोकतंत्र का ही । 
यह बहुजनों के अधिकारों पर हमला है।



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