आजकल देश संविधान
से नहीं मन और मनु की बात से चल रहा है।
इसीपर हमारे कुछ पुराने चित्र के साथ सतीश आचार्य (साभार) के
कार्टून के साथ मौजूदा प्रधानसेवक के साथ फिट बैठ रहे हैं।
जिसे मैं आपको भी लगा रहा हूँ ?
बुद्ध से पहले भारत में कई चिंतक और समाज सुधारक हुए जिन्होंने धार्मिक कर्मकांड, कठोर वर्ण व्यवस्था और यज्ञ-बलियों की आलोचना की। बुद्ध ने इन...
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