शुक्रवार, 26 नवंबर 2010

SC ने इलाहाबाद हाईकोर्ट पर उठाए सवाल

डॉ.लाल रत्नाकर 
भारत कि न्यायिक व्यवस्था जिस कदर उलझी हुयी है उससे हमें लगातार यैसे सवालों से जूझना पड़ रहा है, जिससे पूरी दुनिया  कि नज़रों में यहाँ कि क़ानूनी हरकतें मानवीय वसूलों को हिलाकर रख देती है, यह काम जब सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश करते या करवाते है तब और बड़ी बिडम्बना होती है.
अमर उजाला से साभार -
(SC ने इलाहाबाद हाईकोर्ट पर उठाए सवाल 
नई दिल्ली।Story Update : Saturday, November 27, 2010    1:44 AM
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हाईकोर्ट में वाकई कुछ साफ-सफाई की जरूरत है। वहां कुछ गड़बड़ है। सर्वोच्च अदालत ने हाईकोर्ट की एकल बेंच के आदेश को रद्द करते हुए कुछ न्यायाधीशों की ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जस्टिस मार्कंडेय काटजू और जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा की बेंच ने कहा कि विलियम शेक्सपीयर ने ‘हेमलेट’ में कहा था कि डेनमार्क राज्य में कुछ गड़बड़ है। उसी तर्ज पर कहा जा सकता है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में कुछ गड़बड़ है। बेंच ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से कहा कि जिन न्यायाधीशों को वह सुधार नहीं सकते, उनके तबादले की सिफारिश समेत कुछ कठोर उपाय करें क्योंकि हाईकोर्ट में वाकई साफ-सफाई की जरूरत है। कोर्ट ने 12 पन्नों के आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट के कुछ न्यायाधीशों के रिश्तेदारों से घिरे होने (अंकल जज सिंड्रोम) का इशारा करते हुए टिप्पणियां की हैं। ‘अंकल जज सिंड्रोम’ के तहत न्यायाधीश उन पार्टियों के पक्ष में अनुकूल आदेश पारित कर रहे हैं जिनका प्रतिनिधित्व उनकी पहचान वाले वकील कर रहे हैं।

आम आदमी का विश्वास हिल जाएगा
हाईकोर्ट की राकेश शर्मा की एकल बेंच के आदेश को रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई। एकल बेंच ने बहराइच जिले के वक्फ बोर्ड से कहा था कि वह इस साल मई-जून में होने वाले मेले के दौरान अपनी भूमि का एक हिस्सा सर्कस मालिक को शो दिखाने के लिए अस्थायी तौर पर आवंटित करे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे स्तब्धकारी आदेशों से आम आदमी का विश्वास हिल जाएगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट के कुछ न्यायाधीशों की ढेरों शिकायतें मिल रही हैं। कुछ न्यायाधीशों के पुत्र और रिश्तेदार लखपति हो गए हैं। अब वे दिन नहीं रहे जब न्यायाधीशों के पुत्र और अन्य रिश्तेदार अपने संबंधों का फायदा नहीं उठाते थे और किसी भी अन्य वकीलों तरह बार में संघर्ष करते थे। वैसे, बेंच ने कहा कि हमारे कहने का यह आशय नहीं है कि सभी वकील जिनके हाईकोर्ट के न्यायाधीशों से करीबी संबंध हैं, अपने संबंधों का दुरुपयोग कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट की खरी-खरी
* शेक्सपीयर ने ‘हेमलेट’ में कहा था कि डेनमार्क राज्य में कुछ गड़बड़ है। उसी तर्ज पर कहा जा सकता है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में कुछ गड़बड़ है।
* हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जिन न्यायाधीशों को सुधार नहीं सकते, उनके तबादले की सिफारिश समेत कुछ कठोर उपाय करें क्योंकि वाकई साफ-सफाई की जरूरत है।
* कुछ न्यायाधीशों के बारे में ढेरों शिकायतें मिल रही हैं। कुछ के पुत्र और रिश्तेदार लखपति हो गए हैं। उनका बैंक बैलेंस काफी बढ़ गया है। )

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