विशेष

यात्रा
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पिछले दिनों मैंने अहमदाबाद की यात्रा की मेरे किसी रिस्तेदार के गृह प्रवेश का प्रोग्राम था। जिसका उल्लेख ज्यादा न कर इस यात्रा में अन्य गतिविधियों पर फोकस किया जा रहा है ;
दिल्ली का हवाई अड्डा ;

गज यह काष्ठशिल्प दक्षिण भारत की धरोहर है। 


















यात्रा आरम्भ के लिए जब दिल्ली एयरपोर्ट पहुँच तो यहाँ यह काष्ठशिल्प देखकर जो हमें भारतीय कला की गौरवशाली अनुभूति होती है उसे वयां करना कितना मुश्किल काम है।
यह सब तो राष्ट्रीय गरिमा की वस्तुएं हैं लेकिन जिसे इतिहास ने जगह नहीं दी है उसे मैं यहाँ आपको यहां दीखाता हूँ।  आज के गुजरात और तब के गुजरात में कितना फर्क रहा होगा








वेद प्रताप वैदिक
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वैदिक जी "भाषा" के कुशल खिलाड़ी है जाती धर्म और समाज के कुशल 'शिल्पी' जिस तरह से वे एक समुदाय विशेष के रक्षक हैं निरंतर उनकी कोशिस रहती है की उस तरह से वे नज़र न आएं, क्या मजाल कोई दलित पिछड़ा उनसे बच ले (राजनेताओं की तो दिमाग की उस सतह में विराजमान जहाँ से उसे भयंकर रूप से डराया जाता हो) क्या वी पी सिंह, मुलायम, बाबा रामदेव सबके प्रिय और उनके वास्तविक शत्रु उनकी इमेज के ऊपर ईम्बोस्ड ....

क्या खेल किया है RSS के लिए 'मोदी खतरनाक और यह बात हाफ़िज़ सईद से कहलवाना !
ज़रा पूरी बातचीत को गौर से पढियेगा -

http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/07/140714_vaidik_bbchindi_intv_ar.shtml

'बहुत ख़तरनाक़ आदमी को पीएम चुना'

 सोमवार, 14 जुलाई, 2014 को 15:45 IST तक के समाचार
पाकिस्तानी संगठन जमात उद दावा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद
पाकिस्तानी संगठन जमात उद दावा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद से 
मुलाक़ात की वजह से विवादोंमें घिरे भारतीय पत्रकार वेद प्रताप वैदिक का दावा है कि उन्होंने अपनी जान पर खेलकर भारत के लिए बहुत बड़ा काम किया है.

इस महीने की शुरुआत में वैदिक, 26/ 11 मुंबई हमलों के कथित मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद से लाहौर में मिले थे जिस पर सोशल मीडिया में काफ़ी चर्चा हो रही है.
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों अमरीका ने 

वेद प्रताप वैदिक को योग गुरु बाबा रामदेव का क़रीबी बताया जाता है. ख़बरों के मुताबिक रामदेव ने इस मुलाक़ात का बचाव किया है.
बीबीसी हिंदी से बातचीत में वैदिक ने कहा, "मैंने कौन सा अपराध किया है कि कोई मेरा बचाव करेगा? मैं तो समझता हूं कि मैंने अपनी जान पर खेलकर भारत के लिए बहुत बड़ा काम किया है. दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध बनाने के लिए नेक काम किया है. मेरा बचाव करने की किसी को ज़रूरत नहीं है."
वेद प्रताप वैदिक ने इस बात से भी इंकार किया है कि 26/ 11 मुंबई हमलों के कथित 
मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद से उनकी मुलाक़ात भारत सरकार की पहल पर हुई थी.

हाफ़िज़ सईद और वेद प्रताप वैदिक
भारतीय पत्रकार वेद प्रताप वैदिक(दाएं) और हाफ़िज़ सईद की मुलाक़ात पर विवाद उठ खड़ा हुआ है.
उनका कहना है कि कि 'भारत सरकार तो क्या, ख़ुद उनको भी पहले से इस मुलाक़ात के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.'
"
मैंने उनसे (हाफ़िज़ सईद) से कहा कि मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान एक बार भी मुसलमानों, पाकिस्तान या इस्लाम के ख़िलाफ़ कभी कुछ नहीं कहा. इसलिए आपको उनसे अच्छी उम्मीद करनी चाहिए."
वेद प्रताप वैदिक, भारतीय पत्रकार
बीबीसी हिंदी से फोन पर बातचीत में वैदिक ने बताया कि एक टीवी इंटरव्यू के दौरान उनसे हाफ़िज़ सईद से मुलाक़ात के बारे में पूछा गया और उनके ऐतराज़ न होने पर ये मुलाक़ात आयोजित करवाई गई.
वेद प्रताप वैदिक ने कहा, "भारत सरकार ही क्या, ख़ुद मुझे भी इस बारे में जानकारी नहीं थी. एक जुलाई की रात को मुझे बताया गया और दो जुलाई को उनसे मिलकर मैं भारत वापस आ गया. और भारत सरकार से मेरा क्या लेना-देना है?"
वैदिक ने कहा कि सईद से मुलाक़ात की शुरूआत तनावपूर्ण थी लेकिन फिर धीरे धीरे बातचीत का सिलसिला चल निकला.
वैदिक के मुताबिक़ हाफ़िज़ सईद ने उनसे भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में कई सवाल किए.
उन्होंने बताया कि सबसे पहले हाफ़िज़ सईद ने कहा कि 'नरेंद्र मोदी एक ख़तरनाक़ व्यक्ति हैं और भारत ने उन्हें अपना प्रधानमंत्री चुन लिया है.'
अपने जवाब में वैदिक ने कहा, "मैंने उनसे (हाफ़िज़ सईद) कहा कि मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान एक बार भी मुसलमानों, पाकिस्तान या इस्लाम के ख़िलाफ़ कभी कुछ नहीं कहा. इसलिए आपको उनसे अच्छी उम्मीद करनी चाहिए."
वैदिक के मुताबिक़ उन्होंने सईद का ध्यान इस तरफ़ इंगित करवाया कि ये पहली बार है कि भारत की किसी सरकार ने इतने अहम मौक़े - सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया था जिससे ही ये साबित होता है कि वो पाकिस्तान के साथ किस तरह के संबंध रखना चाहती है.
उसपर हाफ़िज़ सईद ने जवाब दिया कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को तो भारत बेइज्ज़त करने के लिए बुलााया गया था.
वैदिक के मुताबिक़ उनका जवाब था कि ये सब मीडिया के भीतर कहा जा रहा है कि शरीफ़ पर भारत की तरफ़ से दबाव बनाया गया लेकिन इस तरह की कोई बात नहीं थी.

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महिषासुर जयंती पर शो करने के लिए एंकर को 2000 धमकी भरे कॉल्स

नई दिल्‍ली, लाइव हिन्दुस्तान टीमFirst Published:01-03-2016 12:16:57 PMLast Updated:01-03-2016 12:20:32 PM
महिषासुर जयंती पर शो करने के लिए एंकर को 2000 धमकी भरे कॉल्स
एक मलयालम टीवी न्यूज चैनल पर शुक्रवार को प्रसारित हुए शो में महिषासुर जयंती और जेएनयू विवाद पर चर्चा के बाद से महिला एंकर को 2000 धमकी भरे फोन कॉल्स आए हैं।
एंकर सिंधु सूर्य कुमार की शिकायत पर पुलिस ने सोमवार को 5 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनके संबंध आरएसएस, भाजपा और अन्य हिन्दू संगठनों से बताए जा रहे हैं।
उस टॉक शो में एक विषय था - क्या महिषासुर जयंती मनाने को राष्ट्रद्रोह कहा जा सकता है? शो के दौरान एंकर ने एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी के उस बयान को भी पढ़ा, जो उन्होंने संसद में दिया था। ईरानी ने कहा था कि उनके पास एक पर्चा है, जिसमें मां दुर्गा के लिए अपशब्‍द कहे गए हैं, जबकि महिषासुर की तारीफ की गई है। इसकी पुष्टि रजिस्‍ट्रार ने किया है।
एंकर का कहना है कि कॉल करने वाले उनको गालियां और धमकियां दे रहे हैं और शो के दौरान मां दुर्गा के लिए अपशब्द का प्रयोग करने का आरोप उन पर लगा रहे हैं।   
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महिषासुर जयंती पर चर्चा करवाने वाली टीवी एंकर को गालियों से भरे 2,000 से ज़्यादा कॉल

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महिषासुर जयंती पर चर्चा करवाने वाली टीवी एंकर को गालियों से भरे 2,000 से ज़्यादा कॉल
महिषासुर जयंती के अवसर पर जश्न मनाना देशद्रोह है या नहीं, इस विषय पर टीवी शो के दौरान चर्चा करना केरल की एक महिला टीवी पत्रकार को काफी महंगा पड़ा, क्योंकि शो के बाद उन्हें लगातार फोन पर धमकियां मिल रही हैं, और गंदी गालियां दी जा रही हैं।

अंग्रेज़ी दैनिक 'इंडियन एक्सप्रेस' में प्रकाशित एक ख़बर के मुताबिक, मलयालम भाषा के एशियानेट न्यूज़ टीवी की चीफ को-ऑर्डिनेटिंग एडिटर सिंधु सूर्यकुमार ने पिछले शुक्रवार को अपने शो के दौरान चर्चा करवाई थी, जिसके बाद से उनके मोबाइल फोन पर अब तक 2,000 से भी ज़्यादा कॉल आ चुकी हैं, जिनमें कथित रूप से विभिन्न हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा उन्हें गालियां दी जा रही हैं, और उन पर आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने देवी दुर्गा को 'वेश्या' कहा था।

'सिंधु ने कहे ही नहीं थे अपशब्द...'
'इंडियन एक्सप्रेस' का कहना है कि उन्होंने शो का वीडियो देखा है, और इस सिलसिले में सबसे बड़ी विडंबना यह है कि देवी दुर्गा के बारे में जिन अपशब्दों को कहने का आरोप सिंधु पर लगाया जा रहा है, वे दरअसल बीजेपी के प्रदेश सचिव वीवी राजेश ने एक पैम्फ्लेट पढ़कर सुनाते वक्त कहे थे, जिनके बारे में उनका दावा था कि वे पैम्फ्लेट जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में बांटे गए थे, और उन्हें ही बाद में मानव संसाधन एवं विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने संसद में भी पेश किया था।

अंग्रेज़ी दैनिक ने तिरुअनंतपुरम शहर के पुलिस कमिश्नर जी. स्पर्जन कुमार के हवाले से बताया है कि पुलिस ने सिंधु सूर्यकुमार द्वारा फोन पर धमकियां और गालियां दिए जाने की शिकायत दर्ज कराने के बाद सोमवार को पांच लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, "गिरफ्तार किए गए पांचों लोग बीजेपी, आरएसएस और श्रीराम सेना सहित अन्य हिन्दू-समर्थक गुटों से संबंधित हैं..."

व्हॉट्सऐप ग्रुप पर सिंधु को कॉल करने की अपील की गई...
'इंडियन एक्सप्रेस' का कहना है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक ने पुलिस को बताया है कि वह तिरुअनंतपुरम का ही रहने वाला है, और उसे सिंधु का फोन नंबर 'संगध्वनि' नामक व्हॉट्सऐप (WhatsApp) ग्रुप से मिला था, जहां एक सदस्य ने सिंधु के नंबर को सार्वजनिक करते हुए साथी सदस्यों से उस नंबर पर कॉल कर 'फेसबुक पर दुर्गा के बारे में' डाली गई एक पोस्ट के लिए गालियां देने का आग्रह किया था।

कन्नूर से पकड़े गए तीन अन्य लोग श्रीराम सेना के सदस्य हैं, जो हिन्दू-समर्थक गुट है, और यह गुट वर्ष 2009 में मैंगलोर के एक पब पर हुए हमले तथा मॉरल पुलिसिंग के कई अन्य मामलों में शामिल रहा है।

'कुछ लोगों को तो मुझे गालियां देने की वजह भी पता नहीं...'
उधर, सिंधु ने 'इंडियन एक्सप्रेस' को बताया, "मुझे हर मिनट कॉल आ रही हैं... मुख्य आरोप है कि मैंने दुर्गा को गाली दी, उन्हें वेश्या कहा... कॉल करने वाले ज़्यादातर लोगों ने मुझे वेश्या कहा और गालियां दीं... कुछ ने मुझे धमकियां भी दीं, लेकिन कुछ को तो यह भी मालूम नहीं कि मुझ पर क्या आरोप लगे हैं... आज ही सुबह मुझे एक कॉल आया, जिसमें किसी ने पूछा, क्या मैं दुर्गा हूं... कुछ समय पहले एक और व्यक्ति ने कॉल किया और कहा कि मैंने फेसबुक पर दुर्गा के खिलाफ कुछ पोस्ट किया है, और इसीलिए वह मुझे गालियां देना चाहता है..."

सिंधु ने यह भी बताया है कि बीजेपी के वीवी राजेश ने उन्हें मामले की जांच में हर तरह का सहयोग देने का आश्वासन दिया है। 'इंडियन एक्सप्रेस' ने सिंधु के हवाले से बताया, "उन्होंने (राजेश ने) मुझे बताया कि उन्हें कॉल करने वाले पार्टी के लोगों को उन्होंने वास्तविकता समझाई है... हालांकि उनकी पार्टी ने अब तक इन अफवाहों का कोई खंडन नहीं किया है..."

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