सोमवार, 22 फ़रवरी 2016

भाजपा जाटों को मूर्ख तो नहीं बना रही है ?

डॉ.लाल रत्नाकर
स्वामी दयानन्द सरस्वती ने सत्यार्थ प्रकाश के ग्यारहवें सम्मुलास में उल्लिखित जाट की गाय की कथा की याद आती है तब उसका आरक्षण के लिए किया जाने वाला यह संघर्ष याद आता है !
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जो अब बटबृक्ष बन रहा है।

आपको याद तो होगा ! अखलाक का मारा जाना ! तब के शहंशाह का डर ? इन आतताइयों के लिए ! हिम्मत और साहस का अंकुरण था। जो अब बटबृक्ष बन रहा है।...