शुक्रवार, 21 नवंबर 2014

आदरणीय नेता जी

आदरणीय नेता जी

आपके जन्मदिन की  शुभ  कामनाओं के रिटर्न गिफ्ट के रूप में आपसे आग्रहितः श्री चन्द्रभूषण सिंह यादव जी के पत्र के समर्थन में:-जहाँ तक मैं आपको जानता हूँ आप हमेशा इस बात का ध्यान रखते रहे हैं पर जब पिछड़ों के आपके समर्थक लूट में मशगूल होंगे तो आपसे नीति के बात नहीं करेंगे ऐसा मुझे एहसास है पर मैं जानता हूँ यदि आपसे समाज के सुधि लोग मिलें और निचे लिखी बातों को तथ्यात्मक तरीके से रखें तो आप उन्हें अक्षरसः उसका अनुपालन कराएंगे, ऐसा मेरा विश्वास है.
इसी विश्वास को पुख्ता करने के लिए आपसे आग्रह है की आप इनका  अनपालन  अवश्य कराएंगे। 
सादर 
आपका 
डा. लाल रत्नाकर


(आज माननीय श्री मुलायम सिंह यादव जी का 76 वाँ ज दिन है। नेताजी को जन्म दिन की बधाई एवं चिरायु,शतायु और स्वस्थ जीवन की कामना।

आज नेताजी अपना जन्मदिन मना रहे हैं और ऐसी परम्परा है कि जन्म दिन पर उपहार या दान बांटा जाता है। मै एक पिछड़े वर्ग का नागरिक होने के कारण नेताजी से पिछड़ों के लिए उनके जन्मदिन पर एक याचक बनकर कुछ मांगना चाहता हूँ-)

आदरणीय नेताजी।
सादर अभिवादन।

आपके स्वस्थ दीर्घ जीवन की कामना के साथ अनुरोध है कि हमारी शरीर अजर-अमर नही है अपितु हमारे विचार और कार्य अजर-अमर हैं।सत्ता चिरस्थायी न होती है और न हमारे यश-कीर्ति को चिर स्थायी बनाती है। हम चिर स्थायी अपने कार्यो और बिचारो से बनते हैं। 

नेताजी!
सत्ता रहने पर बहुत सारे स्वार्थी लोग जय-जयकार करते दीखते हैं पर सत्ता खत्म होते ही वे पुनः नई सत्ता प्रमुख का जय-जयकार करते दीखते हैं। हम इन क्षणभंगुर समर्थको के मोहपाश में बंधकर अगर अपने वर्गीय हित को चोट पहुंचाते हैं तो निश्चय ही हमे आने वाली पीढियां माफ़ नही करेंगी तथा हमारा इतिहास नही बनेगा। 

नेताजी! 
गाँधी,अम्बेडकर,लोहिया,हेडगेवार,सावरकर,दीनदयाल उपाध्याय,फुले,पेरियार,गाडगे,शाहूजी महाराज,कबीर,नानक आदि अन्यान्य लोग कभी सत्ता में नही रहे पर अपने निश्चित विचारो के कारण अमर हैं। वी पी सिंह,कर्पूरी ठाकुर,रामनरेश यादव एवं मंडल साहब को पिछड़ा तब तक याद रखेगा जबतक आरक्षण रहेगा और वह उसका लाभ पाता रहेगा जबकि इन लोगों को बहुत गलियां खानी पड़ी हैं।

आदरणीय नेताजी! 
आज उत्तर प्रदेश की सत्ता आपके हाथों में है। यदि आप चाहे तो अमर भी हो सकते हैं और पिछड़े-वंचित लोगो का कल्याण भी कर सकते हैं। आज इतिहास पुरुष बनने का अवसर आपके दरवाजे खड़ा है, बस उसे दिशा देने की जरूरत है।

नेताजी!
देश का पिछड़ा नेतृत्व विहीन है। यदि आपने मंडल साहब की सिफ़ारिशो के मुताबिक पिछड़ों के लिए सम्पूर्ण शिक्षा मुफ्त कर उनके छात्रावास,भोजन,वस्त्र,किताब,वजीफा और कोचिंग का इंतजाम कर दिया तो तय मानिये मोदी का हिंदुत्व एजेंडा चकनाचूर हो जायेगा और सम्पूर्ण (हिन्दू-मुस्लिम) पिछड़ा अगले पांच वर्ष में सडकों पर डाक्टर,इंजीनियर,प्रोफेसर,कलक्टर,कप्तान आदि के रूप में नजर आएगा। 

नेताजी 
मंडल साहब ने अपनी सिफारिशों में यह भी कहा है कि प्रोन्नति में आरक्षण ग्राह्य बनाया जाय तथा प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण दिया जाय। 

नेताजी!
यदि यह अनुशंसा लागू हो गयी तो हमारा भूल सुधार भी हो जायेगा और पिछड़ों का उद्धार भी।

नेताजी!
सभी ठेकों में पिछड़े-दलितों को आरक्षण देने के साथ जातिवार जन गड़ना व महिला आरक्षण में पिछड़े-दलित महिलाओं को आरक्षण की मांग को इशू बनाके सपा प्रदेश में अभियान छेड़ दे तो देखिएगा मोदी साहब का हिंदुत्व केवल अभिजात्य वर्गों में सिमट के रह जायेगा। 

नेताजी! 
कहावत है कि"आधी छोड़ पूरी पर धावे,आधी मिले न पूरी पावे",हमारा आधार पिछड़ा है,सोशलिस्टों का प्राण पिछड़ा है और पिछडो की अपेक्षा आप और समाजवाद से है इसलिए मृग मरीचिका में जीने की बजाय यथार्थ समझना चाहिए और पिछले लोकसभा और नगर पालिका,नगर निगम आदि के चुनाव परिणामो को देखकर समझना चाहिए कि अभिजात्य वर्ग कभी भी हमे स्वीकार नही करता है इसलिए हमे भ्रम में पड़े बिना सम्पूर्ण पिछड़े समाज के हित में कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए।

नेताजी!
यदि आज जन्म दिन पर ऐसा कोई संकल्प पिछडो के हित में आपने ले लिया तो निश्चय मानिये कि आप इतिहास में अमर भी हो जायेंगे और आगे सत्ता की राह भी आसान हो जाएगी तथा पिछड़े कुछ पा भी जायेंगे लेकिन तय मानिये यदि वर्तमान स्थिति में अपेक्षित सुधार नही हुआ तो पिछड़े दुर्दशाग्रस्त तो रहेंगे ही,इतिहास आपको भी माफ़ नही करेगा और जब भविष्य में पिछडो के प्रति आपकी भूमिका की समीक्षा होगी तो समीक्षक आपके प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण रखेंगे इसलिए अपना इतिहास बनाइए और इतिहास हो चुके पिछड़ों का भविष्य।

नेताजी!
उम्मीद है मेरी बात आप तक पहुंचेगी और और आप इस दिशा में सोचेंगे। यदि मेरी राय गलत लगे तो क्षमा करेंगे।
एक बार फिर जन्म दिन की बधाई और आपके शतायु होने की कामना।

सादर।

आपका शुभचिंतक-
चन्द्रभूषण सिंह यादव

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