शुक्रवार, 13 दिसंबर 2013

सामाजिक बदलाव के मंत्र -चंद्रजीत यादव

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जो अब बटबृक्ष बन रहा है।

आपको याद तो होगा ! अखलाक का मारा जाना ! तब के शहंशाह का डर ? इन आतताइयों के लिए ! हिम्मत और साहस का अंकुरण था। जो अब बटबृक्ष बन रहा है।...