शुक्रवार, 17 अगस्त 2012

जाटों को राज्य की सूचि से भी हटा देना चाहिए-
obcofindia

जाटों को केंद्र में आरक्षण दे सरकार

Aug 18, 02:06 am
कंकरखेड़ा : संयुक्त जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने शुक्रवार को रोहटा रोड स्थित बाबा भवन में कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. एचपी सिंह परिहार ने कहा कि जाट बिरादरी पिछले कई सालों से केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण की मांग कर रही है। सात राज्यों में राज्य स्तर पर आरक्षण मिला हुआ है, लेकिन केंद्र स्तर पर राजस्थान के अलावा किसी अन्य राज्य को आरक्षण नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि जाटों ने पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस व रालोद के गठबंधन को इसी आश्वासन पर सहयोग दिया था कि जाटों को केंद्र में आरक्षण दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। समिति के सुप्रीम काउंसिल के उपाध्यक्ष डीएम वर्मा ने कहा कि कुछ बिरादरी जाट आरक्षण का विरोध कर रही हैं। समिति के मुख्य संरक्षक चौ. ब्रह्मापाल सिंह एडवोकेट ने कहा कि संगठन को शक्तिशाली बनाना और विधिक रूप से मजबूत रखना सबका कर्तव्य हैं। वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौ. ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि संगठन को मजबूती से अपना पक्ष आयोग और सरकार के समक्ष रखना है, उसके लिए आंदोलन को गति देना आवश्यक हो गया है। जिले में संगठनात्मक गतिविधिया तेज करने की जिम्मेदारी चौ. हरपाल सिंह गेझा व महानगर संयोजक की जिम्मेदारी चौ. रविंद्र मलिक को सौंपी गई। अध्यक्षता पूर्व अपर आयुक्त डीएम वर्मा ने व संचालन हरवीर सिंह सुमन ने किया। कर्नल एसएस धूम, राजीव चौधरी, रणसिंह, उदयवीर सिंह मलिक, चौ. कदम सिंह, जयवीर सिंह, धर्मवीर सिंह, देवकुमार सुनील बालियान आदि शामिल रहे।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

एकात्म मानवतावाद

कुछ विद्वान मित्रों का मानना है कि भाजपा की तरफ आम लोगों का आकर्षण बढ़ रहा है और वह इसलिए कि उन लोगों के मन में उनमें  हिंदू होने का म...