सोमवार, 28 नवंबर 2011

ये बसपा पार्टी है या लूटेरों का अड्डा जिसमे न निति है और न राजनीती .

वाह बहिन जी मामला फसता देख बिफर पड़ीं 'कुशवाहा आपको भ्रष्टाचारी ' नज़र आने लगा और आपका भाई और  मिश्र जी का भांजा "अंतु मिश्र" तथा अनेक जिसने सरे आम प्रदेश को लूटा और आज खुल्लम खुल्ला लूट रहे हैं, उनकी यद् आपको नहीं आ रही है |
ये बसपा पार्टी है या लूटेरों का अड्डा जिसमे न  निति है और न राजनीती है.

बाबू सिंह कुशवाहा बसपा से निष्कासित

लखनऊ/अमर उजाला ब्यूरो।
Story Update : Tuesday, November 29, 2011    1:22 AM
Babu Singh Kushwaha expelled from BSP
बसपा प्रमुख मायावती ने कभी अपने विश्वासपात्र रहे बाबू सिंह कुशवाहा को आखिरकार पार्टी से निकाल ही दिया। पूर्व मंत्री और एमएलसी कुशवाहा को पार्टी नेतृत्व के खास लोगों पर अपनी हत्या की साजिश का आरोप लगा कर बगावती तेवर अपनाना महंगा पड़ा है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने अनुशासनहीनता व पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कुशवाहा के आजीवन निष्कासन का ऐलान किया।

उनसे मंत्री पद से त्यागपत्र लिया गया
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि कुशवाहा एनआरएचएम घोटाले की सीबीआई जांच से बचने के लिए कांग्रेस पार्टी के लगातार संपर्क में हैं। कुशवाहा ने परिवार कल्याण मंत्री रहते अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई। इस कारण उनके मंत्री रहते हुए ही विभाग में तीन सीएमओ की हत्या हुई। कुशवाहा के मंत्री रहने के दौरान इस तरह की घटना होने पर ही सरकार व पार्टी की छवि खराब होते देख उनसे मंत्री पद से त्यागपत्र लिया गया था।

सदन में हंगामा करने के लिए उकसाया
मौर्य ने कहा कि मामले की जांच सीबीआई को दिए जाने के बाद कुशवाहा ने जो कुछ किया, वह किसी से छिपा नहीं है। वे पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हो गए और बसपा को लगातार नुकसान पहुंचाने का काम करते रहे। उन्होंने अपने समाज के लोगों को बसपा के खिलाफ काम करने के लिए उकसाया। उन्होंने राज्य सरकार के बारे में असत्य व भ्रामक बयानबाजी की। यह सभी काम निजी फायदे के लिए किए। बकौल मौर्य, कुशवाहा ने विधान परिषद् के हाल में बुलाए सत्र में भाग नहीं लिया और विपक्षी पार्टियों को सदन में हंगामा करने के लिए उकसाया। गौरतलब है कि कुशवाहा और अनंत मिश्र अंटू से इसी साल 7 अप्रैल को मुख्यमंत्री ने दो सीएमओ की हत्याओं को बाद इस्तीफा ले लिया था। तब बसपा ने कहा था कि दोनों मंत्रियों ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया है।

टर्निंग प्वांइट
यूं तो कुशवाहा एनआरएचएम घोटाले व सीएमओ हत्याकांड की सीबीआई जांच की जद में आने के कारण पहले ही हाशिए पर आ गए थे। लेकिन, जब सरकार में नंबर दो की हैसियत रखने वाले कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और दो प्रमुख अफसरों पर अपनी हत्या की साजिश करने का आरोप लगाते हुए सीएम व पीएम को पत्र भेजा, तब ही उनका हश्र नजर आने लगा था। बसपा प्रदेशाध्यक्ष ने सवाल किया कि कुशवाहा को मंत्री रहते इन लोगों से अपनी जान का खतरा क्यों नजर नहीं आया।

पूर्व मंत्री कुशवाहा बर्खास्त

 सोमवार, 28 नवंबर, 2011 को 15:19 IST तक के समाचार

एक समय में कुशवाहा मायावती के पसंदीदा लोगों में से थे
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री और सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने अपने सबसे विश्वस्त सहयोगी और पूर्व परिवार कल्याण मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा को पार्टी से निष्कासित कर दिया है.
कुशवाहा ने हाल ही में केंद्र सरकार को पत्र लिखकर अपनी जान को खतरा बताया था और सुरक्षा की मांग की थी.
कुछ समय पहले तक कुशवाहा बीएसपी में मायावती के सबसे विश्वासपात्र लोगों में गिने जाते थे.
उन्हें कालिदास मार्ग पर मुख्यमंत्री निवास के बगल में बँगला मिला था और वह लगभग हमेशा मुख्यमंत्री निवास में रहते थे.
बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि कुशवाहा को " अनुशासनहीनता एवं पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने के कारण" हमेशा के लिए बहुजन समाज पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.
मौर्य ने आरोप लगाया कि कुशवाहा के परिवार कल्याण मंत्री रहते इस विभाग में दो सीएमओ की ह्त्या हुई तथा एक और की जेल में मृत्यु हुई.
इन हत्याओं के चलते मुख्यमंत्री ने कुशवाहा को मंत्री पद से हटा दिया था.
बाद में अदालत ने इस ह्त्या और परिवार कल्याण विभाग में कथित घोटालों की जांच सीबीआई को सौंप दी.
विपक्ष का आरोप था कि इन घोटालों के तार मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े हैं , क्योंकि रिश्वत का पैसा ऊपर तक जाता था.
कुशवाहा ने हाल ही में राज्यपाल, राष्ट्रपति एवं अन्य लोगों को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी , कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह और गृह सचिव कुंवर फ़तेह बहादुर से अपनी जान को ख़तरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी.
माया सरकार ने इन आरोपण का खंडन किया और कुशवाहा को मिली सुरक्षा कम कर दी गयी.
अब प्रदेश बीएसपी अध्यक्ष मौर्य ने आरोप लगाया है कि कुशवाहा सीबीआई जांच से अपने को बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी से लगातार संपर्क में हैं.
मौर्य ने यह भी आरोप लगाया है कि कुशवाहा विपक्षी नेताओं से मिलकर सरकार एवं पार्टी के विरुद्ध षड्यंत्र रच रहे हैं.
कुशवाहा इन दिनों अज्ञात वास में हैं और उनसे संपर्क संभव नही हो सका.

बाबू सिंह कुशवाहा को माया ने पार्टी से निकाला

Nov 28, 02:11 pm
लखनऊ [जागरण ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की सोमवार को बसपा से विदाई हो गई। पार्टी ने उन्हें लखनऊ में दो सीएमओ की हत्या और जेल में डिप्टी सीएमओ की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। आरोप लगाया है कि वह खुद को एनआरएचएम घोटाले से बचाने के लिए कांग्रेस के संपर्क में हैं। दूसरे विपक्षी दलों के साथ मिलकर पार्टी के खिलाफ साजिश रच रहे हैं। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य की ओर से जारी लिखित बयान में यह जानकारी दी गई है।
मौर्य ने कहा है कि कुशवाहा ने परिवार कल्याण विभाग यह कह कर मांगा था कि वह इसके जरिए दलितों, पिछड़ों और शोषित वर्ग की सेवा कर सकेंगे। लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया। कुशवाहा के मंत्री रहते हुए ही दो सीएमओ की हत्या और एक डिप्टी सीएमओ की जिला कारागार में मौत हुई। सरकार और पार्टी की छवि खराब होती देख उनसे मंत्री पद से त्याग पत्र लिया गया था। कुशवाहा जब कानूनी शिकंजे में फंस रहे हैं, तो उन्हें कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, कैबिनेट सचिव और प्रमुख सचिव गृह से अपनी जान का खतरा दिखने लगा है।
मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा परिवार कल्याण विभाग में हुई हत्याओं और डिप्टी सीएमओ की जेल में मौत की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। इसके बाद कुशवाहा ने जो कुछ किया, वह किसी से छिपा नहीं है। वे पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हो गए। उन्होंने बसपा से जुड़े अपने समाज के लोगों को पार्टी के खिलाफ काम करने के लिए भी उकसाया। विधान परिषद की बैठकों में भी शामिल नहीं हुए। इसके अलावा उन्होंने विपक्षी पार्टियों के सदस्यों को सरकार के विरुद्ध हंगामा करने के लिए भी भड़काया।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

एकात्म मानवतावाद

कुछ विद्वान मित्रों का मानना है कि भाजपा की तरफ आम लोगों का आकर्षण बढ़ रहा है और वह इसलिए कि उन लोगों के मन में उनमें  हिंदू होने का म...