शुक्रवार, 25 मार्च 2011

जाट आन्दोलन और भारतीय राजनीतिकों को नियति



 पिछड़ी जातियों के दुश्मनों के रूप में नए नए गठबंधन जो पिछड़ों को पचा नहीं पा रहे हैं . जाट कभी पिछड़ा नहीं रहा है यह हमेशा से शक्तिशाली रहा है 'मंडल कमीशन का बिरोधी रहा है.'
डॉ.लाल रत्नाकर
 (अखबारों की कतरनें) 
जाट आंदोलन पर केंद्र ने बुलाई बैठक
नई दिल्ली।
Story Update : Saturday, March 26, 2011    2:31 AM
आरक्षण की मांग को लेकर जाटों के जोर पकड़ते आंदोलन ने केंद्र की चिंता भी बढ़ा दी है। आंदोलन के चलते बने हालात से कैसे निपटा जाए केंद्र इस पर मंथन करने में जुट गया है, उसने इस मसले पर चर्चा के लिए शनिवार को उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों की बैठक भी बुलाई है। इस आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट पहले ही सरकारों को फटकार लगा चुके हैं।

जरूरी चीजों की आपूर्ति सुनिश्चित करें
सूत्रों ने बताया कि गृह सचिव जीके पिल्लई तीनों राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करेंगे। यह बैठक बृहस्पतिवार के सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के बाद बुलाई जा रही है, जिसमें उसने राज्य सरकारों से कहा था कि वे दिल्ली के लिए पानी, दूध, सब्जियों आदि जरूरी चीजों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करें। पिल्लई बैठक में सुरक्षा के हालात और राज्यों की जरूरतों का जायजा भी लेंगे। ऐसी रणनीति बनाने की कवायद भी होगी जिससे जाट आंदोलन से टे्रन और सड़क यातायात बाधित नहीं हो और न ही जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर असर पड़े।

टे्रन आवागमन प्रभावित हो रहा
मालूम हो कि गृह मंत्री पी चिदंबरम और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री मुकुल वासनिक के साथ जाटों की दो दौर की बातचीत में कोई सकारात्मक हल नहीं निकल पाया था। उत्तर प्रदेश के काफूरपुर में तो जाटों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद रेलवे ट्रैक खाली कर दिया था, लेकिन हरियाणा में अभी भी वह कई जगह ट्रैक पर डटे हुए हैं। इससे टे्रन आवागमन प्रभावित हो रहा है। गौरतलब है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट भी हरियाणा सरकार को तत्काल रेलवे ट्रैक खाली कराने का आदेश दे चुका है, जिससे टे्रनों की आवाजाही सामान्य हो सके।
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मायावती ने जाट आरक्षण का समर्थन किया
लखनऊ।
Story Update : Thursday, March 10, 2011    3:37 PM
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने जाटों की केंद्र सरकार की नौकरियों में आरक्षण की मांग का समर्थन करते हुए उनसे अपील की है कि वे राज्य (उत्तर प्रदेश) में कोई ऐसा काम न करें, जिससे आम जनता को असुविधा हो।

लखनऊ में गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मायावती ने कहा कि मैं पहले भी इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट कर चुकी हूं, लेकिन मैं एक बार फिर से दोहराना चाहती हूं कि हमारी पार्टी जाटों की इस मांग का पुरजोर समर्थन करती है, लेकिन उनकी आरक्षण सम्बंधी इस मांग पर फैसला लेने में केंद्र सरकार ही सक्षम है। ऐसे में जाट समुदाय के लोग दिल्ली जाकर अनुशासित तरीके से केंद्र सरकार के सामने अपनी मांग रखें।

आरक्षण की मांग को लेकर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष सिमति के बैनर तले जाट समुदाय के लोगों के आंदोलन का आज छठवां दिन है। जाट आंदोलन की आग अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ हिरयाणा में भी पहुंच गई है। बीते दिनों से अमरोहा के काफूरपुर रेलवे स्टेशन के पास जाट आंदोलनकारी रेलमार्ग को अवरुद्ध करके दिल्ली-लखनऊ रेलमार्ग को ठप्प किये हुए हैं, जिससे रेल यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। जहां 20 से ज्यादा रेलगाड़ियां रद्द करनी पड़ी हैं, वहीं करीब 15 के मार्ग बदलकर उन्हें दूसरे मार्गों से चलाया जा रहा है।

बसपा प्रमुख ने रेलमार्ग पर कब्जा किये हुए आंदोलनकारी जाट समुदाय के लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे उ?ार प्रदेश में कोई ऐसा काम न करें, जिससे आम जनता को कोई नुकसान या असुविधा हो। इस बीच अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे पूरे उत्तर भारत में रेलमार्गों को जाम कर देंगे।
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राजधानी पहुंची जाट आंदोलन की आग
नई दिल्ली।
Story Update : Friday, March 11, 2011    3:05 AM
जाट आंदोलन की आग बृहस्पतिवार को दिल्ली तक पहुंच गई। आरक्षण की मांग को लेकर जाट समुदाय ने उग्र प्रदर्शन कर गाजीपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-24 को करीब एक घंटे तक बंद रखा। प्रदर्शनकारियों ने करीब आधा दर्जन कारों के शीशे तोड़े और सड़क पर टायर रखकर आग लगा दी। भीड़ ने एमसीडी टोल टैक्स बूथ पर तोड़फोड़ कर आग लगाने का प्रयास किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। पूर्वी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उन्हें मामले की सूचना नहीं दी गई थी। मामले की जांच की जा रही है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव सतपाल के नेतृत्व में दोपहर 1.30 बजे प्रदर्शनकारियों ने गाजीपुर टोल टैक्स के नजदीक हंगामा शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए एनएच-24 को जाम कर दिया। इस दौरान इन लोगों ने टायरों में आग लगा दी और कई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। बाद में भीड़ एमसीडी टोल टैक्स के बूथ पर पहुंची और तोड़फोड़ शुरू कर दी।
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जाट नेताओं की केंद्र से बातचीत बेनतीजा
नई दिल्ली।
Story Update : Sunday, March 20, 2011    1:05 AM
आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार और जाट नेताओं की दूसरे दौर की बातचीत किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। जाट नेताओं ने अपनी मांग मानने तक आंदोलन समाप्त करने से साफ इनकार कर दिया है। केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री मुकुल वासनिक के साथ दिल्ली बातचीत करने आए जाट नेताओं ने साफ कर दिया कि सरकार की ओर से आरक्षण की मांग को मानने की समय सीमा घोषित करने के बाद ही आंदोलन खत्म करने का फैसला होगा। लेकिन सरकार ने ऐसा करने में अपनी असमर्थता जता दी है।

सरकार बताएं मांग कब तक मानी जाएगी
नार्थ ब्लॉक में शनिवार को चिदंबरम और वासनिक के साथ अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेता यशपाल मलिक की अगुवाई में आए प्रतिनिधिमंडल की लगभग डेढ़ घंटे तक चली बैठक में कोई समाधान नहीं निकल पाया। जाट नेताओं ने दो टूक कह दिया कि सरकार को पहले यह बताना होगा कि उनकी आरक्षण की मांग कब तक मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद समिति ने लोगों से रेलवे ट्रैक खाली करने को कह दिया है। हालांकि अभी कई जगह लोग रेलवे ट्रैक पर डटे हैं। मलिक ने भरोसा दिया कि लोग अब रेलों के संचालन में बाधा भी नहीं डालेंगे, लेकिन आरक्षण को लेकर आंदोलन दूसरे रूप में जारी रहेगा।

समय सीमा बता पाना संभव नहीं
दूसरी तरफ चिदंबरम ने जाट नेताओं से कहा कि उनकी मांग पहले ही पिछड़ा वर्ग आयोग को भेज दी गई है और आयोग इस मांग पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए इस मांग को पूरा करने की समय सीमा बता पाना संभव नहीं है। उन्होंने जाट नेताओं से आंदोलन खत्म करने का आग्रह भी किया। वहीं, जाट नेताओं ने कहा कि वे समिति की कोर कमेटी सामने इस बैठक के नतीजे रखेंगे और फिर आंदोलन को लेकर अगला कदम उठाया जाएगा। इससे पहले 16 मार्च को भी नार्थ ब्लॉक में इसी मसले पर बैठक हुई थी। तब मलिक ने बैठक के बाद आंदोलन खत्म करने के संकेत दिए थे, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं हुआ।
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जाट आंदोलन पर गृह मंत्रालय की बैठक आज
नई दिल्ली।
Story Update : Saturday, March 19, 2011    2:24 AM
इलाहाबाद हाईकोर्ट के केंद्र व यूपी के अधिकारियों को रेल व सड़क यातायात बहाल करने के लिए कदम उठाने के दिए आदेश के बाद गृह मंत्रालय सक्रिय हो गया है। मंत्रालय ने जाट आंदोलन को लेकर शनिवार को केंद्रीय अर्द्घसैनिक बल और रेलवे अधिकारियों की बैठक बुलाई है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्र भी राज्य सरकार से आंदोलन रोकने को लेकर उचित कदम उठाने के लिए कह सकता है।

गृह मंत्रालय द्वारा जाट आंदोलन की मार झेल रहे सभी राज्यों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए समुचित सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन भी दिए जाने की उम्मीद है। वहीं, नार्थ ब्लॉक के बाद अब कैबिनेट की राजनीतिक मामलों की समिति (सीसीपीए) ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में आंदोलन से पैदा स्थिति पर विचार किया। इससे पहले हाल में केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम व सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री मुकुल वासनिक इसी मुद्दे पर जाट नेताओं से विचार-विमर्श कर चुके थे।


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