शनिवार, 30 अक्तूबर 2010

क्या क्या कर रहे है ये तकनीकी संस्थान-लिपस्टिक की गाज मिनी स्कर्ट पर !

डॉ.लाल रत्नाकर 
"आईआईटी को हमेशा उच्चस्तरीय अध्ययन और शोध के लिए जाना जाता है और वहाँ इस तरह की प्रतियोगिता दुर्भाग्यपूर्ण है.
इस प्रतियोगिता की अनुमति देने के लिए कॉलेज के प्रिंसिपल को भी बर्ख़ास्त किए जाने की मांग उठ रही है.
कोतवाली पुलिस ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन को चिठ्ठी लिखकर पूछा है कि इस बारे में क्या कार्रवाई की जा रही है.
उधर कॉलेज प्रशासन इस किरकिरी से बेइंतहा खीजा हुआ है. कॉलेज में डीन, स्टूडेंट्स वेल्फेयर प्रो. एनके गोयल ने कहा, "लिप-लिपस्टिक प्रतियोगिता एक अनौपचारिक इवेंट था और आयोजन समिति को इसकी कोई जानकारी नहीं थी."
प्रो. गोयल ने बताया, "इस मामले की जांच की जा रही है. ये छात्रों के लिए तय आचार संहिता का उल्लंघन है इसके लिए ज़िम्मेदार छात्रों की पहचान करके उनके ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी."
उपर्युक्त ख्याल पहले क्यों नहीं आया इसका मुख्य कारण प्रशासन के स्तर पर अयोग्य अधिकारी बनाना है यहाँ से निकले लोग जिम्मेदारियों में कुशल माने जाते है, वहीँ वहां इस तरह की नादानी समझ में क्यों नहीं आयी ? 
आईआईटी रूड़की में ‘लव-लिप-लिपस्टिक’ प्रतियोगिता से उठे विवाद और फ़जीहत के बाद अब कॉलेज प्रशासन ने मिनी स्कर्ट पहनने पर पाबंदी लगा दी है.
रजिस्ट्रार की ओर से एक सर्कुलर जारी करके छात्राओं से कहा गया है कि वो कॉलेज परिसर में मिनी स्कर्ट न पहनें.
आईआईटी रूड़की के सालाना समारोह थॉम्सो में इस बार कुछ अलग तरह का इवेंट करने की चाहत में लिप लिपस्टिक प्रतियोगिता रखी गई जिसमें छात्रों ने अपने मुंह में लिपस्टिक रखकर पार्टनर छात्राओं के होठों पर लगाया.
जब इसे अश्लील करार देते हुए सवाल उठाया गया, तो कॉलेज की प्रतिष्ठा और संबंधित अध्यापकों की भूमिका पर गहरे सवाल उठने लगे.
ख़बर है कि मीडिया में इसे दिखाए जाने और उससे हुई बदनामी के बाद इसमें शामिल कई छात्राएं सदमे में हैं और बीमार पड़ गई हैं.
नाम जाहिर न करने की शर्त पर इसमें शामिल हुई एक छात्रा ने कहा, "हमने तो सिर्फ़ फ़न के लिए ऐसा किया था और हमारे दिमाग़ में ऐसी कोई बात नहीं थी. हमें नहीं पता था कि ये मस्ती हमें इतनी भारी पड़ जाएगी."
इस बीच लिप-लिपस्टिक प्रतियोगिता पर विवाद और बढ़ता ही जा रहा है.

शिकायत

हिंदूवादी संगठनों ने अश्लील प्रदर्शन का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और आयोजकों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करने की मांग की है.
इस मामले की जांच की जा रही है. ये छात्रों के लिए तय आचार संहिता का उल्लंघन है इसके लिए ज़िम्मेदार छात्रों की पहचान करके उनके ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी
प्रोफ़ेसर गोयल
उत्तराखंड महिला आयोग ने इस पर गहरी आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय से आयोजकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की मांग की है.
आयोग की अध्यक्ष सुशीला बलूनी ने कहा कि, "ये शर्मनाक और भारतीय संस्कति की गरिमा के विरूद्ध है."
आईआईटी को हमेशा उच्चस्तरीय अध्ययन और शोध के लिए जाना जाता है और वहाँ इस तरह की प्रतियोगिता दुर्भाग्यपूर्ण है.
इस प्रतियोगिता की अनुमति देने के लिए कॉलेज के प्रिंसिपल को भी बर्ख़ास्त किए जाने की मांग उठ रही है.
कोतवाली पुलिस ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन को चिठ्ठी लिखकर पूछा है कि इस बारे में क्या कार्रवाई की जा रही है.
उधर कॉलेज प्रशासन इस किरकिरी से बेइंतहा खीजा हुआ है. कॉलेज में डीन, स्टूडेंट्स वेल्फेयर प्रो. एनके गोयल ने कहा, "लिप-लिपस्टिक प्रतियोगिता एक अनौपचारिक इवेंट था और आयोजन समिति को इसकी कोई जानकारी नहीं थी."
प्रो. गोयल ने बताया, "इस मामले की जांच की जा रही है. ये छात्रों के लिए तय आचार संहिता का उल्लंघन है इसके लिए ज़िम्मेदार छात्रों की पहचान करके उनके ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी."
बहरहाल इस विवाद से कॉलेज के थॉम्सो समारोह के रंग में भंग पड गया है. छात्र-छात्राओं में गहरी मायूसी है और कॉलेज प्रशासन भी चौतरफ़ा हो रहे हमलों और अपनी साख को लेकर परेशान है.
(बी.बी.सी.हिदी से साभार)

3 टिप्‍पणियां:

  1. आईआईटी को हमेशा उच्चस्तरीय अध्ययन और शोध के लिए जाना जाता है और वहाँ इस तरह की प्रतियोगिता दुर्भाग्यपूर्ण है....

    उत्तर देंहटाएं
  2. IIT रूडकी में हुयी ये घटना मामूली नहीं बल्कि बेहद गंभीर और शर्मनाक है ..निश्चय ही इस घटना ने यह साबित किया है की इस संस्थान के ज्यादातर प्रोफेसर चूतिये किस्म के हैं और उनकी असल योग्यता चपरासी बनने योग्य भी नहीं ...दरअसल इस आयोजन के दोषी इस संस्थान के छात्र और छात्राओं से ज्यादा ये प्रोफेसर और डीन हैं ..इन सभी शिक्षकों का मुंह काला कर गधे पर बैठाकर पूरे रूडकी में घुमाया जाना चाहिए तब जाकर इनको अकल आएगा ...या नहीं तो इनको सरे आम फांसी दिया जाना चाहिए ये सभी पूरे इंसानियत के दुश्मन हैं इन सभी सालों के पास अकूत संपत्ति भी मिलेगी अगर जाँच की जाय तो ..क्योकि ये शिक्षा के नाम पर भडुआगिरी कर रहें हैं और छात्र-छात्राओं को भी भडुआगिरी ही सिखा रहें हैं....

    उत्तर देंहटाएं
  3. होनेस्टी द्वारा लिखा गया कमेन्ट उनका नहीं है. उनकी भाषा ऐसी है ही नहीं. प्रोफेसर दोषी नहीं है, दोषी हैं छात्र-छात्रायें. फन वाली दलील थोथी है.

    उत्तर देंहटाएं

एकात्म मानवतावाद

कुछ विद्वान मित्रों का मानना है कि भाजपा की तरफ आम लोगों का आकर्षण बढ़ रहा है और वह इसलिए कि उन लोगों के मन में उनमें  हिंदू होने का म...